यूरिक एसिड (Uric Acid )-
यूरिक एसिड हमारे पाचन (digestion) के समय लीवर (liver ) में बनने वाला एक अपशिष्ट (waste) पदार्थ है जो की ब्लड (blood ) में मिल जाता है फिर जब ब्लड kidney में साफ़ या filter होने पहुचता है तो kidney यूरिक एसिड को निकाल कर मूत्र के माध्यम से बहार कर देती है लेकिन जब या तो शरीर में यूरिक एसिड अधिक बनने लगे या किडनी उसको कम filter करे उस समय यूरिक एसिड बढ़ जाता है पुरूष में इसकी normal value 3.3.-7.2 mg/dL और महिलाओ में 2.5 -6.0 mg/dl होती है इस समस्या को hyperuricemia कहते है |
वैसे तो यूरिक एसिड बढ़ने का ये मुख्या कारण है जो हमने ऊपर बताया है लेकिन इसके आलावा और भी बजह है जो यूरिक एसिड बढ़ाने में हेल्प करती है जैसे की
* अत्यधिक शराब का सेवन .
* मेटाबोलिक डिसऑर्डर .
* अनियंत्रित खान पान .
* किडनी में स्टोन .
लक्षण -
यूरिक एसिड बढ़ जाने पर सबसे पहले पैरो के निचले हिस्से जॉइंट, घुटने में सूजन आ जाती है दर्द होने लगता है कभी कभी पेट में गैस भी बनती है जोड़ो पर हल्की सी लालामी (radish) हो जाती है |
उपचार (treatment)-
* यूरिक एसिड बढ़ने पर पानी का सेवन बढ़ा दें तथा दिन में तीन बार नींबू पानी अवश्य पिये
* पेट का खास ख्याल रखे, गरिष्ठ भोजन न करें सुपाच्य भोजन ही करें |
* जिन पदार्थो में protein की मात्रा अधिक होती है उनका सेवन थोड़े समय के लिए बंद कर दें |
* कूल्थी की दाल ला कर उसे रात में भिगो दें और सुबह उसका बचा पानी पी लें अब दाल को उबाल लें फिर जो पानी बचा है उसे भी छान कर पी लें तथा दाल को चांट बना कर खा लें इस बिधि से एक माह के अन्दर यूरिक एसिड नार्मल हो जायेगा |
* आंवला मुरब्बा, और सेव के मुरब्बे का सेवन नियमित रूप से करें |
* दाले, दूध, दही का सेवन कुछ समय के लिये न करें |
यूरिक एसिड हमारे पाचन (digestion) के समय लीवर (liver ) में बनने वाला एक अपशिष्ट (waste) पदार्थ है जो की ब्लड (blood ) में मिल जाता है फिर जब ब्लड kidney में साफ़ या filter होने पहुचता है तो kidney यूरिक एसिड को निकाल कर मूत्र के माध्यम से बहार कर देती है लेकिन जब या तो शरीर में यूरिक एसिड अधिक बनने लगे या किडनी उसको कम filter करे उस समय यूरिक एसिड बढ़ जाता है पुरूष में इसकी normal value 3.3.-7.2 mg/dL और महिलाओ में 2.5 -6.0 mg/dl होती है इस समस्या को hyperuricemia कहते है |
वैसे तो यूरिक एसिड बढ़ने का ये मुख्या कारण है जो हमने ऊपर बताया है लेकिन इसके आलावा और भी बजह है जो यूरिक एसिड बढ़ाने में हेल्प करती है जैसे की
* अत्यधिक शराब का सेवन .
* मेटाबोलिक डिसऑर्डर .
* अनियंत्रित खान पान .
* किडनी में स्टोन .
लक्षण -
यूरिक एसिड बढ़ जाने पर सबसे पहले पैरो के निचले हिस्से जॉइंट, घुटने में सूजन आ जाती है दर्द होने लगता है कभी कभी पेट में गैस भी बनती है जोड़ो पर हल्की सी लालामी (radish) हो जाती है |
उपचार (treatment)-
* यूरिक एसिड बढ़ने पर पानी का सेवन बढ़ा दें तथा दिन में तीन बार नींबू पानी अवश्य पिये
* पेट का खास ख्याल रखे, गरिष्ठ भोजन न करें सुपाच्य भोजन ही करें |
* जिन पदार्थो में protein की मात्रा अधिक होती है उनका सेवन थोड़े समय के लिए बंद कर दें |
* कूल्थी की दाल ला कर उसे रात में भिगो दें और सुबह उसका बचा पानी पी लें अब दाल को उबाल लें फिर जो पानी बचा है उसे भी छान कर पी लें तथा दाल को चांट बना कर खा लें इस बिधि से एक माह के अन्दर यूरिक एसिड नार्मल हो जायेगा |
* आंवला मुरब्बा, और सेव के मुरब्बे का सेवन नियमित रूप से करें |
* दाले, दूध, दही का सेवन कुछ समय के लिये न करें |
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