बालो का गिरना या बाल उड़ जाना, गंजापन एक ऐसी समस्या है जो आम हो चुकी है और आज के समय में हेयर ट्रांसप्लांट ही इसका एक मात्र विकल्प माना जाता है किन्तु ऐसा नहीं है आयुर्वेद में वो शक्ति है जो की असम्भब को भी सम्भब कर सकती है |
बालो का ये रोग कोई बीमारी नहीं बल्कि एक लक्षण है की हमारा मेटाबोलिज्म यानि की उपापचय क्रियाये ठीक प्रकार से नहीं चल रही है जिसकी बजह से कुछ हार्मोनल परिवर्तन हमारे शरीर में होता है और हम गंजेपन का शिकार होने लगते है पहले तो हमारा ध्यान इस ओर नहीं जाता परन्तु जब देर हो जाती है तब हमे इसकी चिंता सताने लगती है कुछ लोगो में ये वंशानुगति के कारण भी होती है तथा आज के समय में अधिकांश लोगो में गंजपन की समस्या प्रदूषण के कारण होती है आज हम आपको कुछ अचूक उपाय बतायेंगे जिससे आप इस समस्या से निजात पा सकते है |
* रोज सुबह अपने सर पर प्याज का रस लगाये और आधा घंटे के लिए लगा छोड़ दे फिर उस पर नींबू का रस लगाकर बालो में सिकाकाई लगाकर सर धो ले ऐसा रोजाना करे |
* तेज धुप या सर्दी में बालो को डाक कर घर से बाहर निकलें |
* कोई भी डाई या कलर बालो पे न करें |
* प्रतिदिन व्यायाम जरूर करें |
* शतावरी और अश्वगंध को बराबर बराबर भाग में मिलाकर चूर्ण बना लें और सुबह शाम दूध के साथ इसका सेवन करें |
* बकरी के दूध में हाथी दांत की राख मिलाकर गंजे पर लगाये गंजपन समाप्त हो जायेगा |
*शहद में कठेरी मिलाकर गंज पर लगाने से गंजपन चला जाता है |
*घोड़े के खुर की राख नारियल के तेल में मिलाकर लगाने से गंजापन चला जाता है |
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