जब भी कोई महिला माँ बनने का सुख प्राप्त करती है तो उसे सबसे अधिक चिंता अपने बच्चे की होती है और वो ये जानना चाहती है की उसे अपने होने वाले बच्चे के लिये क्या पोषण लेना चाहिए जिसे उसका बच्चा स्वस्थ और निरोगी हो आज हम आपको इसके बारे में उपयोगी जानकारी देंगे |
* कैल्शियम -
दूध, दूध से बने पदार्थ, अखरोट, बादाम, पिस्ता, आदि |
उपयोग -
भ्रूण में बच्चे की हड्डियों और दांतों के विकास के लिये आवश्यक तत्व है |
*आयरन -
सूखे फल, हरी सब्जी, पत्तेदार सब्जिया, ताजे फल इत्यादि |
उपयोग -
भ्रूण में रक्त कोशिकाओ के निर्माण के लिए बहुत आवश्यक है |
* विटामिन्स
ताजे फल, हरी सब्जिया अंकुरित अनाज, सलाद आदि |
उपयोग -
स्वस्थ प्लेसेंटा तथा आयरन के शोषण (absorb) करने के लिये बेहद आवश्यक है |
* फोलिक एसिड-
हरी पत्तेदार सब्जिया और अंकुरित अनाज |
उपयोग -
बच्चे के स्नायु तंत्र के विकास के लिये आवश्यक तत्व |
* जिंक -
अनाज, दालें |
उपयोग -
बच्चे के ऊतकों के विकास के लिये आवश्यक है |
साथ ही गर्भवती महिलायों को चाहिए की दो महीने के बाद से प्रतिदिन 20 मिनट सुबह के समय धुप में अवश्य बैढे |
* कैल्शियम -
दूध, दूध से बने पदार्थ, अखरोट, बादाम, पिस्ता, आदि |
उपयोग -
भ्रूण में बच्चे की हड्डियों और दांतों के विकास के लिये आवश्यक तत्व है |
*आयरन -
सूखे फल, हरी सब्जी, पत्तेदार सब्जिया, ताजे फल इत्यादि |
उपयोग -
भ्रूण में रक्त कोशिकाओ के निर्माण के लिए बहुत आवश्यक है |
* विटामिन्स
ताजे फल, हरी सब्जिया अंकुरित अनाज, सलाद आदि |
उपयोग -
स्वस्थ प्लेसेंटा तथा आयरन के शोषण (absorb) करने के लिये बेहद आवश्यक है |
* फोलिक एसिड-
हरी पत्तेदार सब्जिया और अंकुरित अनाज |
उपयोग -
बच्चे के स्नायु तंत्र के विकास के लिये आवश्यक तत्व |
* जिंक -
अनाज, दालें |
उपयोग -
बच्चे के ऊतकों के विकास के लिये आवश्यक है |
साथ ही गर्भवती महिलायों को चाहिए की दो महीने के बाद से प्रतिदिन 20 मिनट सुबह के समय धुप में अवश्य बैढे |
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