मूत्रातिसार या (polyuria)-
polyuria या मूत्रातिसार की समस्या आज कल के दौर में तेजी से बढती हुई एक आम समस्या है यदि समय से इसे न पहचाना जाये तो ये एक बड़ी समस्या में बदल सकती है यदि वयस्क में दिनभर में 2.5 lit. से 3 lit.यूरिन यदि लगातार बना रहता है तो ये चिंता का विषय है |
कारण (Causes)-
* लगातार यदि यूरिन अधिक मात्रा में आये तो सबसे पहले शुगर की जांच कराये क्योकि अधिकांश व्यक्तियो में polyurina की समस्या शुगर के कारण होती है |
* कभी कभी शरीर के तापमान के बढ़ जाने के कारण भी ये समस्या होती है लेकिन ये स्थाई नहीं होती है तापमान के नियंत्रण में आते ही ये समस्या समाप्त हो जाती है |
* high blood pressure होने पर भी ऐसा होता है लेकिन ऐसा जब तक होता है जब तक high blood pressure बढ़ा हुआ रहता है |
* अधिक मदिरा पान (alcohol) लगातार पीने से polyuria की समस्या हो जाती है |
* अधिक मात्रा में धूम्रपान करना तम्बाकू का अधिक सेवन भी इसका कारण है |
* जब पियूष ग्रंथि (pituitary gland ) से निकलने वाला हॉर्मोन ADH जो की adrenal gland को संचालित करता है निकलना अधिक हो जाता है तो भी polyuria की समस्या उत्पन्न हो जाती है |
आयुर्वेदिक उपचार (Treatment)-
* खरेटी की जड़ की छाल का चूर्ण चीनी दूध के साथ पी लें यदि जड़ न मिले तो इसके बीज बीजबंद के नाम से मिलते है का चूर्ण चीनी के साथ मिलाकर दूध से पिये |
* गोखरू को गर्म पानी में डाल कर उबाले और जब पानी एक चोथाई रह जाये इस पानी को ठंडा कर के पी लें |
* आंवला चूर्ण प्रात सुबह खाली पेट पिये |
नोट - यदि आपको शुगर या हाई ब्लडप्रेशर की समस्या है तो हर छ: माह में KFT (kidney function test) की जांच कराते रहे और अधिक जानकारी के लिए मेल करे या watsup करें |
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