eczema एक्जिमा एक त्वचा सम्बन्धी बड़ा भयानक रोग है जिसका एक बार हो जाने पर समूल नष्ट नहीं होता है ये वर्षा ऋतू में अधिक परेशान करता है ये एक वायरल इन्फेक्टेड ( Viral Infected ) रोग है ये वायरस हमारे तंत्रिका तंत्र में अपना स्थान बनाता है ये दो प्रकार का होता है एक सूखा एक्जिमा जो अधिक कष्ट नहीं देता दूसरा गीला एक्जिमा ये बहुत ही कष्ट दायक होता है ये अधिकांशत: हाथ पैरो में होता है किसी किसी के पूरे शरीर पर होता है शुरू में इसमें खुजली होती है फिर इसमें जलन और दर्द भी शुरू हो जाता है बाद में फफोले भी पड़ जाते है और उनमे से पानी निकलने लगता है |
उपचार (treatment )-
करंजवा के बीज दो दिन तक ठन्डे पानी में भिगोकर रखे फिर उसे छिलकर अन्दर की गुठली निकाल लें अब इसको बकरी के दूध में सिल पर बारीक पीस लें ये अब लेई की तरह पेस्ट बन जायेगा फिर इसे तांबे के बर्तन में रख दें ये दवा एक हफ्ते तक ले सकते है इससे अधिक समय इसे न रखे यदि पेस्ट सूख जाये तो उसमे फिर बकरी का दूध मिला लें |
अब नीम की पत्तो को पानी में डाल कर उबाल लें फिर उस पानी से रोग वाली जगह को धो लें फिर इस दवा को उस पर लगा लें ये दिन में तीन बार तथा रात को सोने से पहले लगा कर सोये |
नोट - साबुन या किसी प्रकार के केमिकल अधिक मसाला, खट्टे पदार्थो से परहेज करे |
उपचार (treatment )-
करंजवा के बीज दो दिन तक ठन्डे पानी में भिगोकर रखे फिर उसे छिलकर अन्दर की गुठली निकाल लें अब इसको बकरी के दूध में सिल पर बारीक पीस लें ये अब लेई की तरह पेस्ट बन जायेगा फिर इसे तांबे के बर्तन में रख दें ये दवा एक हफ्ते तक ले सकते है इससे अधिक समय इसे न रखे यदि पेस्ट सूख जाये तो उसमे फिर बकरी का दूध मिला लें |
अब नीम की पत्तो को पानी में डाल कर उबाल लें फिर उस पानी से रोग वाली जगह को धो लें फिर इस दवा को उस पर लगा लें ये दिन में तीन बार तथा रात को सोने से पहले लगा कर सोये |
नोट - साबुन या किसी प्रकार के केमिकल अधिक मसाला, खट्टे पदार्थो से परहेज करे |
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