प्रथम हम बात करेंगे चिकिनगुनिया की, ये एक वायरल से होने वाला रोग है जब ये वायरस शरीर के अन्दर प्रवेश करता है तो हमारे lymphocytes इस आक्रमण से हमारी रक्षा नहीं कर पाते और हमारे शरीर का तापमान बढने लगता है जिसे हम बुखार कहते है |
ऐसा ही डेंगू के वायरस के साथ होता है प्राय ये दोनों ही वायरस मच्छर के लार में पाए जाते है डेंगू और चिकनगुनिया तथा वायरल तीनो ही बुखार के लक्षण लगभग समान होते है इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर ये सझना थोडा मुश्किल होता है किन्तु एक कुशल वैध्य इस बुखार को आसानी से समझ सकता है किन्तु आज कल ब्लड टेस्टिंग के माध्यम से बड़ी आसानी से इस रोग को पहचाना जा सकता है |

सर में तेज दर्द, घुटनों में पहले फिर धीरे - घीरे पूरे शरीर में दर्द हो जाना जो की बुखार से भी ज्यादा असहनीय होता है रोगी खड़ा नि हो पाता ये लक्षण प्राय चिकनगुनिया के होते है |
 सर के पीछे के हिस्से में कनपटियो पे तेज दर्द आँखों में दर्द,  जुखाम होना, शरीर ता टूटना ये प्राय वायरल के लक्षण है लेकिन यदि कमजोरी बहुत तेजी से आ रही है तो डेंगू हो सकता है |
क्यूंकि डेंगू में ब्लड प्लेट्स बहुत तेजी से कम होती है जाती है |

 नुश्खा या उपचार -
आंवला, अलोवेरा, गिलोयनीम, नीम की पत्ती, तुलसी, अदरक इन सभी को संभाग में लेकर पानी में डाल कर उबाले जब पानी आधा रह जाए तो इसमें से 40 ml पानी कप में लेकर उसमे आधा नीबू निचोड़ कर इसे पी ले ये पानी दिन में तीन बार पीना है इससे ब्लड प्लेट्स कम नहीं होगी और ये बुखार तीन दिन में चला जायेगा लेकिन ध्यान रहे जिन्हें चिकिनगुनिया हुआ है उनके हाथ पैरो में दर्द लम्बे समय तक रहता है इसलिए ऐसे रोगी इस दवा को लम्बे समय तक लें |  


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