क्यूँ आते है खर्राटे ?-
खर्राटे (snoring) आना वैसे तो आम बात  है किन्तु इनका लगातार आते रहना  कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है इसलिए खर्राटे यदि लगातार आते है तो उसका इलाज करना आवश्यक है खर्राटे आने का मुख्य कारण साँस नली में रूकावट, सूजन, या साँस नाली में कोशिकाओ(cell) का बढ़ जाना हो सकता है इसके आलावा साँस के रोगी, स्नोफिलिया, अर्थात कफ के विकार से भी खर्राटे आ सकते है तपेदिक या टी.बी और गले का केंसर के रोगी को भी ये समस्या हो सकती है यदि खर्राटे कभी कभी आते है तो कोई चिंता का विषय नहीं है किन्तु यदि ये समस्या लगातार बनी रहती है तो कई गंभीर रोग हो सकते है जैसे ह्रदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, लकवा, कोमा या व्यक्ति की म्रत्यु भी हो सकती है |

खर्राटे निकलने के कारण (Causes of Snoring)-
* साँस के रोगी -   साँस  के रोगी या अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति के साँस नाली में कभी कभी सूजन (swelling) आ जाती है खासतौर पर ठण्ड के समय पर संभल कर रहना चाहिए |
* साँस नाली की कोशिकाओ का बढ़ जाना - कभी कभी ठन्डे या गर्म या मौसम के बदलने  पर  या अत्यधिक वायु प्रदुषण वाली जगह साँस लेने पर कभी कभी साँस नाली में cells का development कुछ समय के लिए हो जाता है |
* स्नोफिलिया - स्नोफिलिया में रोगी के साँस नली में रूकावट आ जाती है जिसके कारण खर्राटे की शिकायत हो सकती है
*  मोटापा - मोटापा बढ़ना भी साँस के रोगों को निमंत्रण देता है और fat अधिक होने की वजह से साँस नली पर दबाव पड़ता है जिसके कारण खर्राटे आने लगते है |
* स्मोकिंग /एल्कोहल - धुम्रपान (smoking) करने और शराब(alcohol/wine) पीने से साँस नली में cells पर दबाव आता है |
* टी.बी/तपेदिक - इस रोग के रोगी का बक्ष स्थल या फेफड़े (lungs) के कमजोर हो जाने के कारण भी ये समस्या हो जाती है |
* गले का केंसर - गले का केंसर हो जाने पर सबसे पहले साँस नली के tissue में पुनरुदभन (recombination) होना शुरू हो जाता है जिसकी बझ से  साँस लेने में रूकावट आने लगती है |

खर्राटे से बचने के उपाय(home and ayurvedic treatment of snoring) -
सोने का तरीका बदले (change the sleeping position)- खर्राटे से वचना है तो एक ही स्थिति (position) पूरी रात न सोये करवट बदलते रहे |
लहसुन - लहसुन की पुती को पानी में डाल कर उबाल कर पीने से खर्राटे आना बंद हो जायेगे |
प्याज - प्याज का इस्तेमाल सलाद के रूप में नियमित करे तथा प्याज का रस निकाल कर उसको एक एक बूँद नाक में डाल दिन में दो बार उचित लाभ मिलेगा |
स्मोकिंग/एल्कोहल - शराब पीना और घूम्रपान न करे इसे जल्दी से जल्दी त्याग दे नहीं तो ये आप की जान भी ले सकता है |
पानी - गर्म पानी करके उसमे नमक डाल कर गरारे नियमित रूप से सुबह शाम करे इससे साँस नली पर यदि सूजन है तो चली जायेगी |
बजन कम करें - खर्राटे का बहुत बड़ा कारण बजन होता है इसलिए अपना बजन नियंत्रित करें |
अलसी के बीज - अलसी के बीज को बारीक पीस कर चूर्ण बना लें और सुबह शाम गर्म पानी से लें |
        


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