क्या है हड्डीयों का क्षय रोग ?

bone TB एक बैक्टीरियल disease या बीमारी है इस बैक्टीरिया का नाम होता है ट्यूबरक्लोसिस (tuberculosis) ये शरीर में वायु के माध्यम से श्वास द्वारा पहुँचता है इसलिए शरीर में सबसे पहले फेफड़ो में इसका इन्फेक्शन होना शुरू होता है फिर वहां से ये ब्लड में पहुँच कर हड्डीयों में पहुँच कर वही काम करता है जो वो फेफड़ो के साथ करता है यानी की गलाना शुरू कर देता है वैसे ये बैक्टीरिया शरीर में पहुंच कर दो घंटे के अन्दर अपने आप समाप्त हो जाता है लेकिन कुपोषित लोग या  जिनके अन्दर रोगप्रतिरोधक क्षमता ठीक नहीं होती  उनमे ये रोग बड़ी आसानी से फ़ैल जाता है |

लक्षण (symptoms)-
१. गाठो में दर्द होना (joint pain)
२. गाठो पे सूजन आ जाना
३. रात के समय या सुबह-सुबह दर्द अधिक होना
४. हड्डियों (bones) का टेड़ा होना
५. जोड़ो का स्थिर हो जाना (joint stiffness)
६. हड्डीयों में गलाव आ जाना
७. सबसे पहले उन जोड़ो में दर्द होता है जिन पर शरीर का पूरा बजन आये जैसे घुटने (knee) और रीढ़ की हड्डी (spine)
८. रीढ़ की हड्डी (spine) के vertebra में गलाव आने लगता है और स्पोंडलायटिस हो जाता है यदि समय पर न पता लगे तो मनुष्य का नीचे का धड खराब हो सकता है

उपाय (treatment)-
एक पुतिया लहसुन को एक किलो दूध में उबालकर जब दूध एक चोथाई रह जाये उसे पी ले दुसरे दिन दो पुती लहसुन की और तीसरे दिन तीन पुती लहसुन की | अर्थात रोज एक पुती बढ़ानी है लेकिन दूध एक किलो ही रहना है ऐसा 11 दिन तक करना है फिर 12 वे दिन से एक एक पूति कम करते जाना है और  आप स्वस्थ हो जायेंगे|
अश्वगंध और चोपचीनी, पीपला मूल सोंठ इन सभी को सामान मात्रा में पीस कर कपडे में छान कर चूर्ण बना लें और सुबह शाम गर्म दूध के साथ इसका सेवन करें |


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