पेट में गैस बनना एक आम समस्या है जिसकी बजह अनियंत्रित और अनियमित खान पान होता है जिसकी बजह से भोजन अच्छी तरह से पच (digest) नहीं हो पाता है और भोजन के न पचने (digest) पर पेट में 103 प्रकार के खतरनाक तत्व बनते है जो कि हमें विभिन्न प्रकार की वीमारी दे देते है आयुर्वेद के अनुसार वायु कुपित होना शरीर में सबसे अधिक हानिकारक माना गया है वायु के कुपित होने से ही कफ और पित्त अधिकांश कुपित होते है |
पेट में गैस बनने के कारण (Causes of Gastrointestinal Infections)-
पेट में गैस बनने के दो ही कारण होते है एक बहारी (outside) और अन्दर (inside)
पहले बहारी कारण की चर्चा करते है शरीर के अन्दर बहार से आये हुए क्रमी जैसे बेक्टेरिअल (bacteria) वायरस (virus) का जब शरीर पर आक्रमण होता है तो एंटी-बैक्टीरियल, एंटी -फंगल , एंटी - वायरल अर्थात एंटी-बायोटिक का सेवन बढ़ जाता है जिसकी बजह से आंत में इन्फेक्शन हो जाता है और वायु कुपित हो जाती है Internal या अन्दर इन्फेक्शन बनने का कारण अनियमित खान पान, अनियंत्रित खान पान, मल तथा मूत्र के वेग को रोकना, खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना , सिगरेट और शराब का अधिक सेवन करना, जंक फ़ूड, फ़ास्ट फ़ूड खाना, आरामदायक जीवन जीना व्यायाम न करना इत्यादि इसके मुख्य कारण है |
लक्षण (symptoms) -
पेट में गैस बनने के लक्षण बड़े ही सामान्य होते है इस कारण शुरू में इसको पहचान पाना मुश्किल होता है |
लेकिन फिर भी इन छोटे छोटे लक्षण का ध्यान रखा जाये तो इस समस्या को शुरू में ही समझ कर इसको समाप्त किया जा सकता है जैसे कि पेट फूलना, पेट एक बार में साफ़ न होना, सीने पर जलन होना, पेट में मरोड़ या दर्द होना, सुबह के समय उलटिया होना आलस्य रहना इत्यादि इसके मुख्य लक्षण है |
आयुर्वेदिक उपचार (ayurvedic treatment)-
* आंवला, हर्र, बहेड़ा तीनो को बराबर मात्रा में मिलाकर कूट पीस कर कपड़ छन चूर्ण बना लें इसको सुबह खली पेट और रात को खाना खाने से पहले गुनगुने पानी से ले |
* आंवला का चूर्ण रोज सुबह खाली पेट ले |
* गिलोय का जूस सबह खाली पेट और शाम को खाना खाने से पहले 30 ml जूस लें |
* आलू का रस निकालकर पीये |
* एलोवेरा का रस सुबह शाम खाना खाने से पहले लें |
* अलसी के बीज का चूर्ण बना कर सुबह शाम लें |
पेट में गैस बनने के कारण (Causes of Gastrointestinal Infections)-
पेट में गैस बनने के दो ही कारण होते है एक बहारी (outside) और अन्दर (inside)
पहले बहारी कारण की चर्चा करते है शरीर के अन्दर बहार से आये हुए क्रमी जैसे बेक्टेरिअल (bacteria) वायरस (virus) का जब शरीर पर आक्रमण होता है तो एंटी-बैक्टीरियल, एंटी -फंगल , एंटी - वायरल अर्थात एंटी-बायोटिक का सेवन बढ़ जाता है जिसकी बजह से आंत में इन्फेक्शन हो जाता है और वायु कुपित हो जाती है Internal या अन्दर इन्फेक्शन बनने का कारण अनियमित खान पान, अनियंत्रित खान पान, मल तथा मूत्र के वेग को रोकना, खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना , सिगरेट और शराब का अधिक सेवन करना, जंक फ़ूड, फ़ास्ट फ़ूड खाना, आरामदायक जीवन जीना व्यायाम न करना इत्यादि इसके मुख्य कारण है |
लक्षण (symptoms) -
पेट में गैस बनने के लक्षण बड़े ही सामान्य होते है इस कारण शुरू में इसको पहचान पाना मुश्किल होता है |
लेकिन फिर भी इन छोटे छोटे लक्षण का ध्यान रखा जाये तो इस समस्या को शुरू में ही समझ कर इसको समाप्त किया जा सकता है जैसे कि पेट फूलना, पेट एक बार में साफ़ न होना, सीने पर जलन होना, पेट में मरोड़ या दर्द होना, सुबह के समय उलटिया होना आलस्य रहना इत्यादि इसके मुख्य लक्षण है |
आयुर्वेदिक उपचार (ayurvedic treatment)-
* आंवला, हर्र, बहेड़ा तीनो को बराबर मात्रा में मिलाकर कूट पीस कर कपड़ छन चूर्ण बना लें इसको सुबह खली पेट और रात को खाना खाने से पहले गुनगुने पानी से ले |
* आंवला का चूर्ण रोज सुबह खाली पेट ले |
* गिलोय का जूस सबह खाली पेट और शाम को खाना खाने से पहले 30 ml जूस लें |
* आलू का रस निकालकर पीये |
* एलोवेरा का रस सुबह शाम खाना खाने से पहले लें |
* अलसी के बीज का चूर्ण बना कर सुबह शाम लें |
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