किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग जिसका कार्य शरीर के सभी अपशिस्ट यानि के हार्म फुल पदार्थ को शरीर से बहार निकालने का होता है ब्लड यानि रक्त और किडनी हमारे शरीर की सफाई का काम साथ में मिलकर करते है |
हम जो भी खाते है पीते है वो सब पचने के बाद ब्लड में पहुच जाता और ब्लड उसमे से काम आने वाले पदार्थो को वहां पहुंचता जिन अंगो को जरूरत होती है शरीर के ब्लड में से 20 % ब्लड किडनी से होकर पास होता है किडनी का काम होता है उस ब्लड को फ़िल्टर कर उसमे से हार्मफुल पदार्थो को बहार निकालना |
किडनी फैलिअर के कारण -
आज के समय में किडनी फैलिअर या किडनी डिजीज एक आम समस्या हो गयी है क्यूंकि मानव की दिनचर्या ऐसी हो गयी है किडनी ख़राब होने की वजह केवल एक ही होती है उस पर अत्यधिक लोड या प्रेशर पड़ना जो कि -
* अत्यधिक शराब या धुम्रपान से
* दूषित पानी पीने से
* sugar नियमित रूप से कंट्रोल में न रहना
* ब्लड प्रेशर का नियमित रूप से बढ़ना
ये किडनी फेलिअर के मुख्य कारण है |
लक्षण (symptoms)-
लगातार बजन घटना, ब्लड प्रेशर का normally control में न रहना, vomiting होना, मुँख का स्वाद बिगड़ जाना, UTI यानि की पेशाब में इन्फेक्शन होना जैसे की पेशाब में जलन होना पेशाब का लाल आना, पेशाब कम आना शरीर में सुजन आ जाना या edema हो जाना |
यदि इनमे से कोई भी लक्षण आता है या किसी को शुगर और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो उसे अपना kidney function test ( KFT) regularकरते रहना चाहिये यदि उसमे ब्लड यूरिया नाइट्रोजन (BUN ), creatinine इनमे से कुछ भी बढता है तो आप सतर्क हो जाए और जल्दी ही किसी डॉ को दिखाये |
आयुर्वेदिक उपचार ( Ayurvedic Treatment )
* दालचीनी को कूट पीस कर चूर्ण बना ले और सुबह शाम खली पेट हलके गुनगुने पानी के साथ ले |
* गियोय,नीम तथा पीपल ले पत्ते तीनो को पीस कर इसका रस निकाल ले और इस रस का पान सुबह शाम करें |
*गोखुरू को पीस कर काढ़ा बना कर रोगी को सुबह शाम सेवन कराये |
* आंवला को कूट पीस कर इसके चूर्ण का सेवन सुबह शाम करे |
* नीबू का पानी पियें |
* कोकोनट वाटर यानि नारियल का पानी पिये|
नोट - ये सभी दवा और तरीके पूरी तरह से हर्बल है किन्तु फिर भी किसी कुशल चिकित्सक के परामर्श के बिना न लें |
हम जो भी खाते है पीते है वो सब पचने के बाद ब्लड में पहुच जाता और ब्लड उसमे से काम आने वाले पदार्थो को वहां पहुंचता जिन अंगो को जरूरत होती है शरीर के ब्लड में से 20 % ब्लड किडनी से होकर पास होता है किडनी का काम होता है उस ब्लड को फ़िल्टर कर उसमे से हार्मफुल पदार्थो को बहार निकालना |
किडनी फैलिअर के कारण -
आज के समय में किडनी फैलिअर या किडनी डिजीज एक आम समस्या हो गयी है क्यूंकि मानव की दिनचर्या ऐसी हो गयी है किडनी ख़राब होने की वजह केवल एक ही होती है उस पर अत्यधिक लोड या प्रेशर पड़ना जो कि -
* अत्यधिक शराब या धुम्रपान से
* दूषित पानी पीने से
* sugar नियमित रूप से कंट्रोल में न रहना
* ब्लड प्रेशर का नियमित रूप से बढ़ना
ये किडनी फेलिअर के मुख्य कारण है |
लक्षण (symptoms)-
लगातार बजन घटना, ब्लड प्रेशर का normally control में न रहना, vomiting होना, मुँख का स्वाद बिगड़ जाना, UTI यानि की पेशाब में इन्फेक्शन होना जैसे की पेशाब में जलन होना पेशाब का लाल आना, पेशाब कम आना शरीर में सुजन आ जाना या edema हो जाना |
यदि इनमे से कोई भी लक्षण आता है या किसी को शुगर और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो उसे अपना kidney function test ( KFT) regularकरते रहना चाहिये यदि उसमे ब्लड यूरिया नाइट्रोजन (BUN ), creatinine इनमे से कुछ भी बढता है तो आप सतर्क हो जाए और जल्दी ही किसी डॉ को दिखाये |
आयुर्वेदिक उपचार ( Ayurvedic Treatment )
* दालचीनी को कूट पीस कर चूर्ण बना ले और सुबह शाम खली पेट हलके गुनगुने पानी के साथ ले |
* गियोय,नीम तथा पीपल ले पत्ते तीनो को पीस कर इसका रस निकाल ले और इस रस का पान सुबह शाम करें |
*गोखुरू को पीस कर काढ़ा बना कर रोगी को सुबह शाम सेवन कराये |
* आंवला को कूट पीस कर इसके चूर्ण का सेवन सुबह शाम करे |
* नीबू का पानी पियें |
* कोकोनट वाटर यानि नारियल का पानी पिये|
नोट - ये सभी दवा और तरीके पूरी तरह से हर्बल है किन्तु फिर भी किसी कुशल चिकित्सक के परामर्श के बिना न लें |
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