प्रजनन क्षमता क्या है ?( reproduction or infertility )-
इस संसार में एक नये जीवन का आरम्भ प्रजनन के बाद ही शुरू होता है इस  प्रजनन किया में मेल तथा फीमेल दोनों का बराबर योगदान होता है जब मेल और फीमेल का आपस में मिलन होता है तब मेल से शुक्राणु निकल अंडाणु से मिलकर zygote यानि की fertilized egg बनाते है तब नये जीवन के विकास क्रिया का आरम्भ होता है किन्तु जब मेल से निकलने वाले शुक्राणु स्त्री के अंडाणु से क्रिया करता है तब अंडाणु कई कारणों के zygote नहीं बन पाता इसे स्त्रियों में बांझपन कहते है |

Causes of infertility -
* स्त्रियों में  infertility सबसे मुख्या कारण है आज के समय का खान पान बढती भाग दौड़ दिमागी दबाब यानि मेंटल प्रेशर जिसकी बजह से हमारे शरीर हमारे मेटाबोलिक क्रियाये बिगड़ी रहती है |
* पियूष ग्रंथि से निकलने वाले  hormones
  • Luteinising hormone (LH)
  • Follicle-stimulating hormone (FSH)
Ovaries (women)

Controls reproductive functioning and sexual characteristics. Stimulates the ovaries to produce oestrogen and progesterone.
Oxytocin
Uterus
Breasts 
 Affects uterine contractions in pregnancy and birth and subsequent release of breast milk. 
स्त्रियों में बांझपन का सबसे बढ़ा कारण यही है क्यूंकि hormonal disturbance की बजह से ही ये माहवारी में irregularity होती है और लगातार माहवारी में irregularity की बजह से polycystic ovary syndrome भी हो सकता है जिसमे ओवरी के ऊपर एक cystic बन जाती है जिसकी बजह से एक healthy egg नहीं बन पाता |
* Fallopian tube जहाँ पर egg और sperm आपस में मिलते है यदि किन्ही कारणों से ये tube का कमजोर होना या बंद होना भी fertilization को रोकता है 
* Endometriosis  भी एक infertility का एक कारण है इसमें uterus के ऊपर और आस पास कुछ unnecessary tissues बढने लगते है  जिसकी बजह से egg या बाहर से आने वाले sperm नष्ट हो सकते है या ये दोनों को fertilize नहीं होने देता 
* आज के समय में हम high radiation के बीच रहते है जिसकी बजह से female के egg कम या unhealthy we हो जाते है |
 हम चाहे यहाँ कितनी भी विस्तार पूर्वक बात कर लें लेकिन सही बात तो ये है की पियूष ग्रंथि से निकलने वाले होर्मोन्स ही स्त्रियों के बांझपन के लिये direct या indirectly जिम्मेदार है और इन होर्मोनेस के disturb होने की बजह है वायु दोष या  पित्त दोष या दोनों ही दोष अर्थात वायु के या पित्त के कूपित होने से हमारे शरीर में होर्मोनेस disturb होने लगते है इसलिए स्त्रियों के बांझपन को समाप्त करने का एक ही उपाय है hormonal changes को नियंत्रित करना उसके लिए ये उपचार है |

आयुर्वेदिक उपचार (ayurvedic treatment of infertility in Female )-
* अदरक का रस एक चम्मच सुबह शाम खाना खाने से पहले पिये |
* लहसुन को सुखा कर उसका पाउडर बना ले फिर १/२ चम्मच खाना खाने के बाद ले |
* मक्का रूट का पाउडर एक एक चम्मच सुबह शाम खाने से हॉर्मोन से संवंधित इनफर्टिलिटी समाप्त हो जाती है |
* अस्वगंधा, मुसली, शतावरी की जड़, इन सभी को सुखा कर चूर्ण बना ले और नियमित रूप से ले |
* सुबह जल्दी उठे और योग अवश्य करे जिसमे मैडिटेशन अनिवार्य है |
* सुवह ठह्लने की आदत डाले |
* सुपाच्य और हल्का भोजन लें |
* मल और मूत्र का वेग न  रोके |
* धूम्र पान न करें तथा शराब का सेवन न करें |
* मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल कम से कम करें तथा टेलीविजन कम देखे तथा रेडिएसन से ज्यादा से ज्यादा बचे |


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