टूटी हुई हड्डी को जोड़ने और पुरानी चोट जो की हमेशा दर्द के रूप में परेशान करती है ऐसी चोट के लिए उपरवाले हमे कुछ ऐसी दवा प्रकृति में दी है जिनसे हमारी इस प्रकार की समस्याओ स निजात पा सकते है
ये नुश्खे निम्नलिखित है -
* नागफनी का एक टुकड़ा आग में डालकर भुन लें भुन जाने पर छील कर कांटे को हटा दें अब इसे बीच में से फाड़ कर आंबाहलदी, खारी सेधा नमक मिलाकर कपड छन चूर्ण बना लें अब इसे चोट पर बांध लें और 24 घंटे बाद खोल दें इस विधि को सात दिन तक लगातार करने करे टूटी हुई हड्डी जुड़ जाएगी और यदि चोट है कोई या कोई बाल बराबर फ्रैक्चर सब ठिक हो जाएगा |
* हडजोड के पत्ते की बेल होती है जो किसी भी पेड़ पर पायी जा सकती है किन्तु यदि ये महुआ के पेड़ पर मिल जाये तो ज्यादा अच्छा है इसके पत्ते लेकर उनको शुद्द धी में भून लें अब इसमें आंबाहलदी, खारी सेधा नमक मिलाकर कपड छन चूर्ण बना लें अब इसे चोट पर बांध लें और 24 घंटे बाद खोल दें इस विधि को सात दिन तक लगातार करने करे टूटी हुई हड्डी जुड़ जाएगी और यदि चोट है कोई या कोई बाल बराबर फ्रैक्चर सब ठिक हो जाएगा |
ये नुश्खे निम्नलिखित है -
* नागफनी का एक टुकड़ा आग में डालकर भुन लें भुन जाने पर छील कर कांटे को हटा दें अब इसे बीच में से फाड़ कर आंबाहलदी, खारी सेधा नमक मिलाकर कपड छन चूर्ण बना लें अब इसे चोट पर बांध लें और 24 घंटे बाद खोल दें इस विधि को सात दिन तक लगातार करने करे टूटी हुई हड्डी जुड़ जाएगी और यदि चोट है कोई या कोई बाल बराबर फ्रैक्चर सब ठिक हो जाएगा |
* हडजोड के पत्ते की बेल होती है जो किसी भी पेड़ पर पायी जा सकती है किन्तु यदि ये महुआ के पेड़ पर मिल जाये तो ज्यादा अच्छा है इसके पत्ते लेकर उनको शुद्द धी में भून लें अब इसमें आंबाहलदी, खारी सेधा नमक मिलाकर कपड छन चूर्ण बना लें अब इसे चोट पर बांध लें और 24 घंटे बाद खोल दें इस विधि को सात दिन तक लगातार करने करे टूटी हुई हड्डी जुड़ जाएगी और यदि चोट है कोई या कोई बाल बराबर फ्रैक्चर सब ठिक हो जाएगा |
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