जिद्दी चर्म रोग सोरायसिस -
सोरायसिस एक ऐसा चर्म रोग है जो यदि एक बार हो जाए तो आसानी से रोगी का पीछा नहीं छोड़ता इसलिए इसे जिद्दी चर्म रोग भी कहते है विश्व  केे हटी रोगों में इसका बड़ा सम्मान है |
आधुनिक विज्ञानं ने इसकी खोज 1841 में की किन्तु आयुर्वेद के प्रसिद्ध ग्रन्थ चरक संहिता में इसे मंद कुष्ठा के रूप में इसका व्याख्यान प्राप्त होता है |
ये प्राय स्त्री और पुरुष दोनों में पाया जाता है किन्तु पुरुषो में ये अधिक होता है ये कोई छुआ छुत का रोग नहीं है और न ही ये किसी अंग पर दुष्प्रभाव डालता है | हमारे शरीर में त्वचा में नये\ सेल्स बनते है और पुराने डेड होकर मैल के रूप में बहार झड जाते है इस शारीरिक क्रिया में 28 से 30 दिन का समय लगता है किन्तु इस रोग में ये क्रिया अति शीध्र होने लगती है और जहाँ जिस जगह ये होती है वहा पर स्किन के ऊपर स्किन आ जाती है और खून की सप्लाई की बजह से वो हिस्सा लाल दिखता है यही सोराइसिस है |

सोरायसिस होने के कारण -
 अधिकांश वैज्ञानिक ये मानते है की ये एक वंशानुगत रोग है जोकि पञ्च सात पीडियो के बाद भी आ सकता है अधिकांशत ये पित्र पक्ष से आने की  सम्भावना रहती है जिनके माता या पिता में ये रोग होता है उनमे ये रोग होने की सम्भावना 25% तक होती है किन्तु इस रोग के अंकुरित होने के लिए जो वातावरण चाहिए वो हम ही इसे बना कर देते है जैसे की तंत्रिका तंत्र का कमजोर होना, असयामित जीवन यापन, मानसिक चिंता, विकृति युक्त ग्रंथियों का शरीर में काम करना, मल का कुपित होना पित्त का विगड़ना आदि से इसको अंकुरित होने का आधार मिलता है |

लक्षण -
ये गहरे लाल या ब्राउन रंग के पारदर्शी दाने होते है ये प्राय कोहनी, पिंडली, या कान के पिछले हिस्से से आरम्भ होते है ये धीरे धीरे फैलने लगते है इनमे खुजली भी होती है कभी ये रोग आता है प्राय अपने आप समाप्त हो जाता है किसी किसी रोगी को ये सिर की तरफ से बढता है और हम रूसी समझ कर इसे छोड़ देते है लेकिन बाद में ये बढ़ कर मस्तक पर आ जाता है ये लाल रंग के चकते जैसे होते है

उपाय -
* नींबू का रस निचोड़कर उसे शहद मिलाकर खाये ऐसा प्रति दिन करे |
* खट्टे पदार्थो का सेवन वर्जित है |
* चोकर वाली रोटी का सेवन करे |
* नीम की पत्ती का सेवन सुबह खाली पेट अवश्य करे तथा इसमें तुलसी की चार पत्तिया जरुर मिला ले |
*सोरायसिस में सूर्य विकिरण चिकित्सा अति आवश्यक है इसके लिए सुबह 11 बजे से पहले सूर्य किरण स्नान करे |
* सोरायसिस में प्रकाश की थेरपी देकर रोगी को निरोगी बनाया जा सकता है |
*आंवला, और गिलोय,गवार का पाठा तीनो को मिलाकर सेवन करे |
* सूर्य विकिरण किया हुआ जल को 50 cc सुबह शाम लेने से इस रोग से निजात पायी जा सकती है |


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