बवासीर (अर्श ) क्या है ?
बवासीर में हमारे गुदा द्वार पर छोटी - छोटी फुंसिया हो जाती है जिनमे कि दर्द होने लगता है और अगर सही समय पर इलाज न कराया जाये तो मल के साथ में खून भी आने लगता है तथा मल करने में बहुत ही असहनीय दर्द भी होता है |
कारण (causes)
बवासीर होने का मुख्य कारण ठीक समय पर या शौच आने पर उसका का वेग रोकने से पनपने वाला रोग है
ये रूक्ष, पेट में खुश्की, कब्ज करने वाला भोजन, या भूख लगने पर उल्टा - सीधा खाने से पेट में या liver में infection के कारण ये रोग बनता है |
उपाय(ayurvedic treatment )-
१. समय पर शौच से निब्रत हो जाना चाहिए तथा मल के वेग को न रोके |
२. कब्ज करने वाला या गरिष्ठ भोजन न करे तथा पानी अधिक पिये |
३. आंवले का चूर्ण बनाकर नित्य खाली सादा पानी से ले जल्दी ही आराम मिल जायेगा |
४. त्रिफला का चूर्ण नित्य खाली पेट हल्के गुन - गुने पानी से लें |
५. देशी गाय के दूध में गाय का घी मिलाकर सुबह खाली पेट पिये|
६. नारियल के छिलके(जटाये ) को उतार कर उसकी भस्म बना ले और सुबह शाम गाये के दूध के साथ सेवन करें |
७. मुलेहती ,पोदीना और अलसी के बीज इन तीनो को पीस कर इनका कपडछन चूर्ण बना ले और १० ग्राम सुबह शाम सादा पानी से ले जल्दी ही आराम मिलेगा |
८. गूदा द्वार के छिद्र में देशी घी जितना अन्दर तक लगा सके रात को लगा कर सोये ,ऐसा दो -तीन दिन करने मात्र से मल में खून आना बंद हो जायेगा |
९. पपीता रोज सुबह नाश्ते में अवश्य ले |
१०.शाम को चार - पांच बजे के समय जूसी फलो का सेवन करे |
इन सभी अति आवश्यक उपायों के अतिरिक्त आपको रोजाना व्यायाम और योग अवश्य करना चाहिए जिसके शरीर के ये विकार उत्पन्न ही न हो |
बवासीर में हमारे गुदा द्वार पर छोटी - छोटी फुंसिया हो जाती है जिनमे कि दर्द होने लगता है और अगर सही समय पर इलाज न कराया जाये तो मल के साथ में खून भी आने लगता है तथा मल करने में बहुत ही असहनीय दर्द भी होता है |
कारण (causes)
बवासीर होने का मुख्य कारण ठीक समय पर या शौच आने पर उसका का वेग रोकने से पनपने वाला रोग है
ये रूक्ष, पेट में खुश्की, कब्ज करने वाला भोजन, या भूख लगने पर उल्टा - सीधा खाने से पेट में या liver में infection के कारण ये रोग बनता है |
उपाय(ayurvedic treatment )-
१. समय पर शौच से निब्रत हो जाना चाहिए तथा मल के वेग को न रोके |
२. कब्ज करने वाला या गरिष्ठ भोजन न करे तथा पानी अधिक पिये |
३. आंवले का चूर्ण बनाकर नित्य खाली सादा पानी से ले जल्दी ही आराम मिल जायेगा |
४. त्रिफला का चूर्ण नित्य खाली पेट हल्के गुन - गुने पानी से लें |
५. देशी गाय के दूध में गाय का घी मिलाकर सुबह खाली पेट पिये|
६. नारियल के छिलके(जटाये ) को उतार कर उसकी भस्म बना ले और सुबह शाम गाये के दूध के साथ सेवन करें |
७. मुलेहती ,पोदीना और अलसी के बीज इन तीनो को पीस कर इनका कपडछन चूर्ण बना ले और १० ग्राम सुबह शाम सादा पानी से ले जल्दी ही आराम मिलेगा |
८. गूदा द्वार के छिद्र में देशी घी जितना अन्दर तक लगा सके रात को लगा कर सोये ,ऐसा दो -तीन दिन करने मात्र से मल में खून आना बंद हो जायेगा |
९. पपीता रोज सुबह नाश्ते में अवश्य ले |
१०.शाम को चार - पांच बजे के समय जूसी फलो का सेवन करे |
इन सभी अति आवश्यक उपायों के अतिरिक्त आपको रोजाना व्यायाम और योग अवश्य करना चाहिए जिसके शरीर के ये विकार उत्पन्न ही न हो |
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Natural piles treatment works synergistically to immediately soothe irritation, dramatically reduce inflammation, and safely stop the pain of hemorrhoids.
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ReplyDeleteThanks for sharing the post on "Ayurvedic Treatment For Piles".
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