थायराइड के लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार (ayurvedic treatment for thyroid) -

थायरायड ह्यूमन बॉडी में पायी जाने वाली अत्यन्त महत्वपूर्ण ग्रंथि (gland) है जोकि हमारे शरीर के उपरी भाग में गले के बीच पायी जाती है और इसमें से जो हार्मोन निकलता है उसको thyroxine  और triiodothyronin कहते है ये दोनों हार्मोन्स हमारे शरीर में बहुत सारी क्रियाओ को क्रियांवित करती है जैसे की ह्रदय की गति, उपापचय क्रियायें,  वजन का प्रबंधन करना, कैल्शियम को हड्डियों तक पहुचाना, तंत्रिका तंत्र (nervous system) का ठीक से काम करना,आदि इसका मुख्य कार्य है | ८५% ये  रोग महिलायों में पाया जाता है |

कारण (Reason) -

आयुर्वेद के अनुसार अधिकांशत : थायराइड का विकार वायु के कूपित होने के कारण होता है वायु के हमारे शरीर में कूपित होकर  शिर में वास कर लेती है जिसको शिरोगत वायु विकार कहते है जिसके कारण मस्तिष्क में पायी जाने वाली हायपोठेलेमस ग्रंथि से निकलने वाले होरमोंस कम या ज्यादा निकलने लगते है जिसके कारण पियूष ग्रंथि से निकलने वाला TSH हार्मोन का निकलना कम या अधिक हो जाता है जिसके कारण ये रोग उत्पन्न होता है साधारण रूप से इस रोग का उत्पत्ति का कारण शिरोगत वायु विकार है |एलोपेथी में इसका इलाज सम्भव नहीं है किन्तु आयुर्वेद में इसकी सफल चिकित्सा सम्भव है  |

लक्षण (Symptoms) -
 जोड़ो में दर्द होना, बालों का झड़ना, आँखों में दर्द होना, थकावट रहना, एसिडिटी या कब्ज होना, मल का समय पर न आना, पेट ख़राब रहना, खाने में रुचि न रहना, मांसपेशियों में खिचाब, गले का भारी लगना, बजन अचानक से बढने लगना, हाथो में कम्पन्न होना इत्यादि इसके मुख्य लक्षण है |

Ayurvedic Treatment (आयुर्वेदिक उपाय ) -
मुलेठी, पोदीना, शतावरी, आँवला, हर्हड़, बहेड़ा को मिलाकर कूट पीस लें फिर और कपड छन चूर्ण बना लें उसके बाद 20 ग्राम चूर्ण को 500 ग्राम पानी में डाल कर  उसे उबालें जब तक वो १/४ न रह जायें इस पानी को सुबह शाम पियें |
एलोवेरा को पीस कर इसका जूस बना लें और इसमें एक नीबू निचोड़ कर डाल लें और इसमें 5 ग्राम सेंधा नमक डाल लें फिर इस जूस को सुबह खाली पेट लें शाम को खाना खाने से दो घंटे पहले ले, अवश्य ही लाभ होगा |
रोजाना योग अवश्य करें |
खट्टे पदार्थ, जंक फ़ूड का सेवन न करें




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