बबासीर या पाइल्स आज कल काफी लोगो में पाई जाने वाली बीमारी है|
बबासीर बहुत से लोग शर्म और झिझक के कारण किसी को बताने से डरते है| बबासीर में व्यक्ति की गुदा
( anus) में मस्से उत्पन्न हो जाते है| जिससे उसकी गुदा में हल्का हल्का सा दर्द उत्पन हो जाता है| जब मस्से बड़े हो जाते है तो दर्द असहनीय व कब्ज की शिकायत हो जाती है| जिससे व्यक्ति को मल त्यागने में कठनाई की अनुभूति होती है, जिससे उसकी गुदा द्वार में मल के साथ खून आ जाता है| यह खून मस्सो के फुट जाने के कारण आता है| जिससे पीड़ित व्यक्ति या रोगी को उत्पन्न दर्द के साथ कमजोरी भी महसूस होती है|
बबासीर के कारण( cause of piles):
१. बबासीर का प्रमुख कारण बादी युक्त भोजन के प्रयोग से व्यक्ति के शरीर में वात की अधिकता हो जाता|
२. बबासीर नित मल से न निवृत होने वालो की सामान्य बीमारी है |
३. बबासीर के कब्ज की शिकायत होने वाले व्यक्ति के होती है |
४. शरीर में अमलता की मात्र बढ़ जाने के कारन और पानी की कमी के कारण भी बबासीर होता है
उपाय( treatment):
बबासीर में ज्यादातर डॉक्टर ऑपरेशन की सलाह देते है| लेकिन ऑपरेशन से भी यह समस्या दूबारा न हो ऐसा नहीं है|
इसका सरल व् एक उपाय है नारियल की ऊपर की भूरी जटा को जला कर रख बना ले फिर उस राख को दही में काचा दूध मिलकर जिससे मीठी छाछ बन जाएगी जिस से आधी चमच्च शाम को लेले| तीन से चार दिन रोजाना लेने से आपको खुनी बबासीर से निजात मिलेगी|
नोट - जब तक आपका बबासीर ठीक नहीं हो जाता जब तक चाय व् गरम चीजो को सेवन त्याग देने चाहिए|
बबासीर बहुत से लोग शर्म और झिझक के कारण किसी को बताने से डरते है| बबासीर में व्यक्ति की गुदा
( anus) में मस्से उत्पन्न हो जाते है| जिससे उसकी गुदा में हल्का हल्का सा दर्द उत्पन हो जाता है| जब मस्से बड़े हो जाते है तो दर्द असहनीय व कब्ज की शिकायत हो जाती है| जिससे व्यक्ति को मल त्यागने में कठनाई की अनुभूति होती है, जिससे उसकी गुदा द्वार में मल के साथ खून आ जाता है| यह खून मस्सो के फुट जाने के कारण आता है| जिससे पीड़ित व्यक्ति या रोगी को उत्पन्न दर्द के साथ कमजोरी भी महसूस होती है|
बबासीर के कारण( cause of piles):
१. बबासीर का प्रमुख कारण बादी युक्त भोजन के प्रयोग से व्यक्ति के शरीर में वात की अधिकता हो जाता|
२. बबासीर नित मल से न निवृत होने वालो की सामान्य बीमारी है |
३. बबासीर के कब्ज की शिकायत होने वाले व्यक्ति के होती है |
४. शरीर में अमलता की मात्र बढ़ जाने के कारन और पानी की कमी के कारण भी बबासीर होता है
उपाय( treatment):
बबासीर में ज्यादातर डॉक्टर ऑपरेशन की सलाह देते है| लेकिन ऑपरेशन से भी यह समस्या दूबारा न हो ऐसा नहीं है|
इसका सरल व् एक उपाय है नारियल की ऊपर की भूरी जटा को जला कर रख बना ले फिर उस राख को दही में काचा दूध मिलकर जिससे मीठी छाछ बन जाएगी जिस से आधी चमच्च शाम को लेले| तीन से चार दिन रोजाना लेने से आपको खुनी बबासीर से निजात मिलेगी|
नोट - जब तक आपका बबासीर ठीक नहीं हो जाता जब तक चाय व् गरम चीजो को सेवन त्याग देने चाहिए|
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