जानिए लीची कैसे बनाये शरीर को चुस्त और दुरुस्त
लीची में पानी की मात्र तो अधिक होती है, साथ ही इसमें कई पौष्टिक तत्व भी मोजूद होते है|
कौनसे कौनसे फायदे है लीची खाने से जानते है :-
* लीची एंटीबायोटिक्स का अच्छा श्रोत है| इसमें उपस्तिथ विटामिन सी शरीर में रक्त
कोशिकाओ के निर्माण में मदद करता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बनता है|
* रक्त कोशिकाओ और पाचन क्रिया में सहायक लीची में बीटा केरोटिन, रिबोफ्लेबिन,
नियोसिन और फोलत काफी मात्रा में पाया जाता है|
* इसमें मूजुद विटामिन पचान प्रक्रिया के लिए जरूरी होता है| साथ ही फोलत कोलेस्ट्राल
लेवल को कण्ट्रोल करता है|
* सर्दी झुकाम में लीची जरूर खाए| यह विटामिन सी का बहुत अच्छा श्रोत है| यह खासी जुखाम
और गले के संक्रमण को भी रोकती है|
* इसका रस एक पौष्टिक तरल है| गर्मी के मौसम में संभावित समस्या को दूर करती है|
शरीर को ठंडक पहुचती है| शरीर में पानी की पूर्ति करती है|
* लीची उर्जा का श्रोत है| इसमें मूज़ुद नियोसिन शरीर में ऊर्जा के लिए आवश्यक स्टेरोय्द
हार्मोन और हिमोग्लोबिन का निर्माण करता है|
* दस्त, पेट में अल्सर और अतिरिक्त सुजान होने पर लीची का सेवन करे| इससे कब्ज़ या
पेट में हानिकारक टोक्सिन का प्रभाव कम होता है| गुर्दे की पथरी में होने वाले दर्द से लाभ
मिलता है|
* लीची वजन कम करती है | इसमें घुलनशील फाइबर प्रचुर मात्रा में होते है, जो मोटापा कम
करने में सहायक है| फाइबर अंदरूनी समस्यों को रोकता है|
* लीची में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी, ए, बी कॉम्पलेक्स, पोटेसियम, मेग्नीशीयम, फास्फोरस जैसे
खनिज लवण होते है जो शरीर के लिए फायदेमंद है|
* एंटीऑक्सीडेंट और पानी तवचा को हाइड्रेट रखने के साथ - साथ साफ़ भी करता है| लीची के
सेवन तवचा जवा नज़र आती है|
* प्रति 100 ग्राम लीची में 66 कैलोरी होती है| इसमें संत्राप्त वसा या सैचुरटेड वासा व्बिल्कुल नहीं
होती है|
* लीची 10-12 से ज्यादा नहीं खानी चाहिए| इसे ज्यादा खाने पर नकसीर, सर दर्द,शरीर में खुजली, जीभ तथा होठो में सुज़नआदि समस्या हो सकती है|
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