दिमागी बुखार या मैनिंजाइटिस किसी भी उम्र में होने वाली एक बिमारी है जिसके होने के कारण बहारी जीव होते है जैसे वायरस, बैक्टीरिया होते है जिनकी बजह से रीढ़ की हड्डी के ऊपर की न्यूरो नर्व पर सूजन या दिमाग की उपरी परत पर सूजन आ जाती है जिसकी बजह से गर्दन में अकडन आ जाती है सर में दर्द होना शुरू हो जाता है दिमागी बुखार शरीर की कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र की बजह से होता है जब immunity system अर्थात प्रतिरक्षा तंत्र जब कमजोर हो जाता है तो शरीर पर बहार से आक्रमण करने वाले वायरस और बैक्टीरिया हमारे शरीर को बिमार बना देते है और सबसे पहले बुखार आता है अर्थात यदि बुखार आ जाये तो समझ जाये की किसी बहारी जीव ने आक्रमण कर दिया है और हमारा शरीर उससे लड़ने के लिये तैयार नहीं है |

दिमागी बुखार होने के कारण, लक्षण और उपचार (Meningitis Symptoms& Treatment)
ये सामान्य बुखार की प्रक्रिया है किन्तु जब हमारा रक्षा तंत्र ज्यादा ही कमजोर हो तब शरीर का तापमान अत्याधिक तेजी से बढ़ जाता है और ज्यादा बढ़ जाये तो ऐसे में दिमाग की बहारी रक्षा परत में सूजन आ जाती है इसी को दिमागी बुखार (Meningitis) कहते है |
लक्षण -
- meningitis या दिमागी बुखार का वाहक मच्छर, मक्खी जैसे इन्सेक्ट या परजीवी होते होते है इसके लक्षण को समय से समझ कर उचित जांच करा ली जाए तो इससे बचा जा सकता है |
- बुखार आने पर शरीर का तापमान जोकि 98.6 F होता है यदि अचानक 104 F से ऊपर हो जाता है और ये नियमित बना रहता है तब दिमागी बुखार हो सकता है |
- गर्दन में अकडन, दर्द होना रीढ़ की हड्डी में दर्द, सर में तेज दर्द होना इसका मुख्य लक्षण है |
- शरीर पर छोटे चकते बन जाना, उल्टी आना, शरीर का कपना, भूख कम लगना या भूख न लगना,कमजोरी, त्वचा का रंग बदलना नीली या पीली पड़ जाना, श्वास लेने में तकलीफ होना तथा हाथ पैर का अकड़ जाना दिमागी बुखार के मुख्य लक्षण है |
- यदि इस तरह के लक्षण दिखाई दे तो इसकी जांच मस्तिष्क के द्रव्य की जांच से किया जा सकता है या सी.टी स्केन से पता किया जा सकता है |
उपचार -
सामान्य रूप से दिमागी बुखार होने से पहले ही इसका निदान कर सकते है जैसे की सर पर ठन्डे पानी की पट्टी रखना, रोगी को गिलोय,नीम और और तुलसी तीनो को मिलाकर उसका अर्क निकाल कर पिलाये और तुरंत किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श ले क्यूंकि इसका इलाज़ घर में सम्भव नहीं है|
loading...
Post a Comment